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Monthly Archives: September 2010

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आम टैक्सी से सस्ती शिमला सिटी टूअर सर्विस

शिमला. पर्यटन विभाग और टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स वेलफेयर सोसाइटी की ओर से शुरू की गई शिमला सिटी टूअर सर्विस आम टैक्सी से सस्ती पड़ेगी। इसमें पर्यटकों को पांच घंटे में शहर के सभी प्रमुख स्थल दिखाए जाएंगे। छोटी गाड़ी में प्रति व्यक्ति करीब ढाई सौ और बड़ी गाड़ी में प्रति व्यक्ति करीब 220 रुपए देना होगा।

किसी एक स्टेशन पर जाने के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इस सेवा के तहत निश्चित किराया होगा जिससे पर्यटकों को टैक्सी चालकों के मनमाने किराए से राहत मिल सकेगी। अभी करीब तीन टैक्सियां उपलब्ध होंगी। बाद में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।

पर्यटकों को सबसे पहले जाखू मंदिर ले जाया जाएगा जिसके बाद सेंट बीड्स होते हुए सचिवालय और राजभवन की सैर करवाई जाएगी। यहां से टैक्सी बस स्टैंड से विक्ट्री टनल होते हुए संकटमोचन जाएगी। बाद में चेडविक फॉल, एडवांस्ड स्टडीज, वर्ल्ड सेंक्चुरी, स्टेट म्यूजियम होते हुए अनाडेल म्यूजियम की सैर करवाई जाएगी। अंत में कैनेडी चौक पर यह सैर पूरी होगी। पर्यटकों को इन स्थानों के इतिहास की जानकारी दी जाएगी।

विशाल टैक्सी यूनियन देगी टैक्सियां :

इस सेवा के तहत पर्यटकों को घुमाने के लिए विशाल टैक्सी यूनियन से टैक्सियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस सेवा को लेने के लिए पर्यटकों को इस यूनियन से संपर्क करना होगा। साथ ही होटलों में पोस्टरों के माध्यम से भी इसकी जानकारी दी जाएगी। कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर भी इसे डिस्पले किया जाएगा।

फोन पर सुविधा :

टैक्सी यूनियन को फोन करके यह सर्विस शहर के किसी भी कोने में जाकर पर्यटकों को रिसीव कर सैर करवाएगी। स्टेक होल्डर्स सोसाइटी इन टैक्सी चालकों पर भी नजर रखेगी। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक डॉ. अरुण कुमार और टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ का कहना है कि अन्य क्षेत्रों में भी यह सेवा देने पर विचार किया जा रहा है।

टैक्सी यूनियन के सचिव मदन बंसल का कहना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं, टैक्सी चालकों को भी रोजगार के अवसर खुलेंगे।एडवांस्ड स्टडीज से शटल सेवा शुरू एडवांस्ड स्टडीज से एक शटल सेवा शुरू की गई है जिसके तहत पर्यटकों को एडवांस्ड स्टडीज से स्टेट म्यूजियम तक की सैर करवाई जाएगी।

इसके तहत प्रति व्यक्ति 20 रुपए किराया रखा गया है। आने वाले समय में टैंपल टैक्सी सर्विस भी शुरू की जाएगी।

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कबड्डी मैच के लिए लोग उत्साहित

एक अक्टूबर को सोलन में होने वाले भारत-पाकिस्तान सर्किल कबड्डी मैच को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। सोलन में पहली बार इस तरह का आयोजन हो रहा है। मैच के लिए ऐतिहासिक ठोडो ग्राउंड को तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को कबड्डी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राणा ने अयोजक सदस्यों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। राजेंद्र राणा ने कहा कि भारत-पाक के बीच कबड्डी मैच के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक अक्टूबर को दिन में दो बजे ठोडो ग्राउंड में मैच खेला जाएगा। दोनों टीमें 30 सितंबर को सोलन पहुंच जाएगी। मैच का उदघाटन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिंदल करेंगे। जीतने वाली टीम को 75 हजार रुपए और हारने वाली टीम को 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल ही एक ऐसी चीज है जिसके माध्यम से दोनों देशों के बीच के संबंध सुधर सकते हैं। कबड्डी गांव स्तर का खेल है और इसे देखने के लिए सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों के हजारों लोग उमड़ें्रं। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को सुजानपुर में हुए मैच में करीब 35 हजार लोगों ने मैच का लुत्फ उठाया।

सोलन मैच में भी दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। राणा ने कहा कि प्रदेश में कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए फेडरेशन को प्रयास करने होंगे। इस मौके पर बघाट बैक के चेयरमैन पवन गुप्ता, धर्मेंद्र ठाकुर, शैलेंद्र गुप्ता, लेशू भाई,भरत साहनी,नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजमेर सिंह ठाकुर , तिलक राज भी मौजूद रहे।

सोलन में तेजी से फैल रहा है एड्स

जिले में एड्स जैसी जानलेवा बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। पिछले एक वर्ष के दौरान एड्स के २० नए मामले सामने आए हैं। जिले में एक दशक के दौरान हुआ औद्योगिकरण भी इसका एक कारण माना जा रहा है। एड्स के मामलों में ९० फीसदी बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्रों से सामने आए हैं। इसमें प्रवासी मजदूरों के अलावा स्थानीय लोग भी शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार सोलन जिले में जून २००९ तक एचआईवी पॉजिटिव मामलों की संख्या १४७ थी जबकि २० लोगों को एड्स ग्रस्त पाया गया था। जनू २०१० तक जिले में एचआईवी पॉजिटिव के २१२ मामले हो चुके हैं, जबकि एड्स रोगियों की संख्या बढ़कर ४० पहुंच गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में एड्स रोगियों में दो गुणा बढ़ोतरी हुई है। २००८ तक सोलन में एड्स के १८ रोगी थे, जबकि एचआईवी पॉजिटिव में के ७८ मामले थे।

प्रदेश में अभी तक एचआईवी पॉजिटिव रोगियों की संख्या ४६०१ हो चुकी है, इसमें से ९४७ रोगियों को जांच के बाद एड्स ग्रस्त घोषित किया गया है।

जिले में तेजी से बढ़ते एड्स रोगियों के मद्देनजर जिला एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने औद्योगिक क्षेत्रों में जागरुकता अभियान तेज किया है। नालागढ़, परवाणू व धर्मपुर में आईसीटीसी सेंटर खोले जा चुके हैं। जिला एड्स कंट्रोल अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि आद्यौगिक क्षेत्रों के कामगारों को एड्स की बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए मुहिम तेज की गई है। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों से तालमेल किया जा रहा है।

पंचायत समिति सदस्य के बेटों ने बेचे सर्टिफिकेट

धर्मशाला . बिना पेपर दिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के असली सर्टिफिकेट बेचने के मामले के मास्टर माइंड अश्वनी डोगरा के सहयोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अश्वनी डोगरा मोटी कमाई का लालच देकर विभिन्न स्थानों के युवाओं को अपने साथ मिलाकर इस नेटवर्क को चला रहा था।

आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने बोर्ड सर्टिफिकेट मामले में ढुगियारी से पंचायत समिति सदस्य के दो बेटों और प्राइवेट परीक्षार्थी कपिल को पूछताछ के लिए थाने तलब किया। पंचायत समिति सदस्य के दो बेटे संजू और राजू भी बोर्ड सर्टिफिकेट मामले में अश्वनी डोगरा के सहयोगी के रूप में कार्य करते थे।

संजू को अश्वनी डोगरा ने अपनी दिव्य ज्योति अकेडमी में पीटीआई के रूप में तैनात किया था, लेकिन वह सर्टिफिकेट नेटवर्क में बतौर एजेंट काम करता था। अश्वनी डोगरा ने उसे कमजोर और फिसड्डी स्टूडेंट्स को ढूंढ़ने का काम सौंपा था। इसके चलते संजू अपने भाई राजू के साथ मिलकर क्षेत्र में पढ़ाई में कमजोर छात्रों को बिना परीक्षा दिए सर्टिफिकेट बेचने के धंधे को आगे बढ़ा रहा था। दोनों छात्रों से 20 से 25 हजार रुपए वसूलते थे।

ढुगियारी के छात्र कपिल को भी इन्हीं दोनों भाइयों ने सर्टिफिकेट देने का लालच देकर दिव्य ज्योति अकेडमी के माध्यम से प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में फार्म भरवाया था। कपिल सनौरा स्थित नेशनल अकेडमी में पढ़ता था, लेकिन फिसड्डी होने के चलते उसे स्कूल से निकाल दिया गया था।

एक और छात्र गिरफ्तार

सर्टिफिकेट फर्जीवाड़े में पुलिस ने रविवार को प्राइवेट परीक्षार्थी कपिल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मेजर विजय सिंह मनकोटिया के गिरफ्तार ड्राइवर को संजीव को न्यायालय में पेश कर सोमवार तक पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में गिरफ्तार चार अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

एएसपी संजीव गांधी ने रविवार को थाना में मनकोटिया के ड्राइवर संजीव से घंटों पूछताछ कर बयान कलमबद्ध किए। संभावना जताई जा रही है कि संजीव के बयानों के आधार पर इस मामले में पुलिस मेजर विजय सिंह मनकोटिया से भी पूछताछ कर सकती है।

तीन युवक जिंदा दफन

शिमला . बंजार. औट—लूहरी मार्ग पर बंजार से पांच किलोमीटर पीछे थोथरू नाला के पास रविवार सुबह कोटला धार की पहाड़ी दरकने से एक पिकअप दब गई। इसमें सवार तीन लोग जिंदा दफन हो गए। हादसा सुबह साढ़े आठ बजे हुआ जब सोझा से बंजार की ओर आ रही पिकअप थोथरूनाला पहुंची। अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा गाड़ी पर आ गिरा।

पिकअप में सवार चालक सोझा के केशव राम (36), घयागी के अनिल कुमार (34) और भूमार के प्रताप (32) की मौके पर ही मौत हो गई। पहाड़ी गिरने से एक दर्जन देवदार के पेड़ और चट्टानें मुख्य सड़क पर आ गिरी। पिकअप 50 मीटर नीचे धंस गई।

कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने पांच घंटों के बाद शवों को गाड़ी से बाहर निकाला। सड़क धंसने से औट—लूहरी राज्य मार्ग बंद हो गया है। लोग पैदल ही पहाड़ी लांघकर जा रहे हैं। हादसे से मात्र दो मिनट पहले ही पिकअप ने एक प्राइवेट बस महावीर से पास लिया था।

बस में बैठे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उनकी बस घटना स्थल से मात्र 50 मीटर पीछे ही रुक गई थी अन्यथा बस में सवार करीब 65 लोग की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। हादसे का समाचार मिलते ही एसडीएम बंजार यशपाल शर्मा, एसएचओ सुरेंद्र पाठक थोथरूनाला पहुंचे। लोगों ने गाड़ी के ऊपर से मलबा हटाया और लाशों को बाहर निकाला। मौके पर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

घायल ट्रक ड्राइवर ने दम तोड़ा : परवाणू . चक्की मोड़ के पास ट्रक पर पत्थर गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए ट्रक चालक ने रविवार को सोलन अस्पताल में दम तोड़ दिया। कालका-शिमला राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर चक्की मोड़ के पास टिप्पर पर बहुत बड़ा पत्थर गिर गया था। इस दौरान सड़क के ऊपर जाबली पंचायत के संपर्क मार्ग के निर्माण में जेसीबी मशीन जुटी हुई थी। पुलिस ने मशीन के मालिक पर मामला दर्ज कर लिया है।

स्टील प्लांट में विस्फोट 12 जख्मी, छह गंभीर

शिमला . जसूर (कांगड़ा)नूरपुर के पास कंदरोड़ी में एक स्टील प्लांट में शुक्रवार सुबह स्टील स्क्रैप को ढालते समय धमाका हो गया। इसमें 12 लोग घायल हो गए। इसमें से छह की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। कंदरोड़ी स्थित स्टील प्लांट में केसी अलॉय प्राइवेट लिमिटेड में शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे श्रमिक जैसे ही लोहे के टुकड़ों को ढालने के लिए भट्ठी में डालने लगे तो जोरदार धमाका हो गया।

धमाका इतने जोर से हुआ कि प्लांट की छत भी उड़ गई और फर्श में बड़ा गड्ढा पड़ गया। घायलों को इंदौरा अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें पठानकोट रेफर कर दिया गया। फैक्टरी के मालिक मोहित वर्मा और प्लांट मैनेजर देवेंद्र कुमार ने बताया कि भट्ठी को ठंडा करने के लिए मशीन की मोटर बंद करने से स्टीम पैदा हो गई थी।

क्वाइल फटने से धमाका हो गया। वहीं, मौके पर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि भट्ठी आर्मी से लाया गया स्क्रैप डालने से विस्फोट हुआ। थाना प्रभारी जोगिंद्र सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। कुछ माह पहले भी कंदरोड़ी में स्थित एक अन्य उद्योग में स्क्रैप ढालते समय ब्लास्ट से श्रमिक घायल हुए थे। उधर, मुख्य सचिव राजवंत संधू ने डीसी से मामले की रिपोर्ट मांगी है।

प्रभु चावला की राम कहानी

 तत्कालीन पाकिस्तान के डेरा गाजीखान से दो साल का एक बच्चा विभाजन के दौरान शरणार्थी के तौर पर माता पिता के साथ भारत आया था। जमुना पार में झिलमिल कॉलोनी में परिवार को एक छोटा सा घर मिला। यह बालक अब प्रधानमंत्रियों और कैबिनेट सचिवों के साथ उठता बैठता है और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर उसके फोन पर लगभग खड़े हो कर बात करते है। जानने वाले बताते हैं कि बच्चा बड़ा हुआ और देशबंधु कॉलेज, कालका जी से पढ़ाई करने के बाद पहले एक कॉलेज में पढ़ाया और फिर पत्रकार बन गया। ऐसे भी बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने इस बच्चे यानी प्रभु चावला को झिलमिल कॉलोनी की रामलीला में दशरथ की भूमिका करते देखा था।

लेकिन प्रभु चावला सिर्फ मंच तक ही दशरथ रह गए। बेटे अंकुर को राम नहीं बना पाए। सीबीआई की फाइलों में अंकुर चावला का नाम अमर उजाला दलाली प्रकरण के एक दलाल के तौर पर दर्ज है। अब आपको बताते हैं अमर उजाला की कहानी। 1948 मे ही जब प्रभु चावला माता पिता की गोद में सीमा पार कर के दिल्ली पहुंचे थे, आगरा में स्वर्गीय डोरी लाल अग्रवाल और स्वर्गीय एम एल माहेश्वरी ने मिल कर अमर उजाला दैनिक की स्थापना की थी और आज यह देश का तीसरा सबसे बड़ा अखबार है। अमर उजाला कुटुंब में हिस्सेदारी को लेकर झगड़ा चल रहा है और भले ही डोरी लाल अग्रवाल के पुत्र अशोक अग्रवाल कंपनी के अध्यक्ष हों मगर सबसे ज्यादा शेयर अतुल माहेश्वरी और राहुल माहेश्वरी के पास है। अशोक अग्रवाल के पास सिर्फ 17.33 प्रतिशत शेयर्स हैं। मगर हाल ही के दिनों में अशोक अग्रवाल और मनु आनंद को किनारे किया जाना शुरू हो गया था और हालत यह हो गई थी अतुल माहेश्वरी अशोक अग्रवाल के फोन, एसएमएस और ईमेल किसी का जवाब नहीं दे रहे थे। एक बोर्ड मीटिंग में अशोक अग्रवाल के बेटे मनु को बोलने भी नहीं दिया गया और तब अशोक अग्रवाल मामले के निपटारे के लिए कंपनी लॉ बोर्ड में गए।

मामले की पहली सुनवाई 28 अक्तूबर को हुई थी और दूसरी 14 दिसंबर को होनी है। अतुल माहेश्वरी पर आरोप है कि उन्होंने अंकुर चावला के जरिए कंपनी लॉ बोर्ड के सदस्य और कार्यवाहक अध्यक्ष वासुदेवन को अपने हक में फैसला सुनाने के लिए दस लाख रुपए की नकद रिश्वत दी और वासुदेवन और रिश्वत देने वाला मनोज बाठिया अब जेल में है। अंकुर चावला पर प्रभु कृपा है इसलिए वे बाहर हैं। यहां यह याद किया जा सकता है कि जब अशोक अग्रवाल के दो भाईयों अजय और सौरभ अग्रवाल ने अपने शेयर्स 160 करोड़ रुपए में बेचे थे तो अशोक अग्रवाल ने अतुल माहेश्वरी का साथ दिया था। अजय अग्रवाल भी कंपनी लॉ बोर्ड के पास गए थे और माहेश्वरी के शेयर्स खरीदने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने जी समूह से निवेश का तालमेल कर लिया था। मगर लॉ बोर्ड ने उनका यह प्रस्ताव नहीं माना।

बाद में अमर उजाला डी ई शॉ को 18 प्रतिशत भागीदारी दे कर 117 करोड़ का जुगाड़ किया। जब अमर उजाला शुरू हुआ था तो स्वर्गीय डोरी लाल अग्रवाल की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत और एम एल माहेश्वरी की 47 प्रतिशत थी। कंपनी लॉ बोर्ड ने माहेश्वरियों से पूछा कि जी समूह को चलाने वाले एस्सेल समूह की मीडिया वेस्ट कंपनी से उनका क्या समझौता हुआ है? जी अजय अग्रवाल की मदद कर रहा था ताकि वे अमर उजाला के धंधे में 65 प्रतिशत की हिस्सेदारी प्राप्त कर सके। अजय अग्रवाल ने बोर्ड को मीडिया वेस्ट के साथ समझौते की शर्ते बता दी। इसकी सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह थी कि एक निवेश कंपनी ने कहा था कि अगर मीडिया वेस्ट 101 करोड़ रुपए यानी 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी के लिए रकम देने को तैयार हो जाए तो बाकी 60 प्रतिशत के लिए पैसा भेजेंगे।

माहेश्वरी बंधुओं के वकील ने इस पर ऐतराज किया था और कहा था कि कंपनी लॉ बोर्ड पहले ही आदेश दे चुका है कि अमर उजाला का स्वामित्व इन दोनों परिवारों के बीच ही रहना चाहिए। आरोप यह भी था कि माहेश्वरी परिवार कॉरपोरेट ढांचे को बदलने के नाम पर स्वामित्व का ढांचा बदलना चाहता है। 4 अप्रैल को लॉ बोर्ड के चेयरमैन एस बाला सुब्रमण्यन ने भी माहेश्वरियों का दावा खारिज कर दिया था और अशोक अग्रवाल से कहा था कि वे एमओयू के पूरे विवरण दें। कानूनी दांव पेंच में लगातार मार खाते आ रहे अतुल माहेश्वरी ने शॉर्टकट अपनाया और इसके लिए दलाल मौजूद थे। कंपनी सेक्रेटरी मनोज बाठिया को इस्तेमाल किया गया, प्रभु पुत्र अंकुर चावला ने दलाली की और वासुदेवन और बाठिया दोनों जेल पहुंच गए। अब कंपनी लॉ बोर्ड के नए मुखिया की तलाश की गई और हालांकि कंपनी मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा था कि दिलीप राव देशमुख 27 नवंबर को इस पद की जिम्मेदारी संभाल लेंगे मगर अभी तक ऐसा हुआ नहीं है।

इस बीच वासुदेवन के खातों और तिजोरियों से रकम निकलती आ रही है। एक विदेशी कानूनी कंपनी द्वारा अंकुर चावला के जरिए अपने सीनियर एक प्रसिद्ध वकील को दो करोड़ रुपए की एक बैंटले कार भी दिए जाने की जानकारी मिली है और उसकी भी जांच हो रही है। पद्मविभूषण यानी भारत रत्न से सिर्फ एक कदम नीचे झिलमिल कॉलोनी के दशरथ प्रभु चावला हाल ही में एक समारोह में देश के सबसे अच्छे हिंदी इंटरव्यू लेने वाले चुने गए हैं और इसके लिए उन्हें बधाई दी जानी चाहिए। बधाई उन्हें अंकुर चावला जैसे प्रतिभाशाली बेटे को जन्म देने के लिए भी मिलनी चाहिए।

लेखक आलोक तोमर हिंदी पत्रकारिता के बड़े नाम हैं. खरी-खरी लिखने-बोलने वाली अपनी शैली के कारण वे हर क्षेत्र में दोस्त और दुश्मन लगभग समान मात्रा में पैदा करते रहते हैं.
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