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दिल्ली में जौहर दिखाएगी कसौली की भव्या

कसौली (सोलन)। सेंट मैरी स्कूल कसौली की छठी कक्षा की भव्या उन्याल दिल्ली में प्रदेश का नाम रोशन करेगी। मैक्स न्यूयार्क लाइफ की आयोजित की जा रही आई जीनियस प्रतियोगिता का ग्रेेंड फिनाले दिल्ली में सोमवार १५ नवंबर को होगा। इसमें भारत के जीनियस बच्चों में से एक इंडिया जीनियस चुना जाएगा। कसौली की भव्या उन्याल इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगी।
११ वर्षीय भव्या उन्याल सेंट मैरी स्कूल कसौली में छठी कक्षा में पढ़ रही है। भव्या के माता-पिता दोनों ही सरकारी मिडल स्कूलों में मुख्याध्यापक हैं। भव्या उन्याल के पिता निशी कांत शर्मा ने बताया कि मैक्स न्यूयार्क लाइफ द्वारा की जा रही इंडिया जीनियस बच्चे की खोज में भव्या हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही है। उन्होंने बताया कि भव्या उन्याल ने पहले दो राउंड को इंटरनेट के माध्यम से पार किया। तीसरा राउंड चंडीगढ़ में हुआ जहां पर भव्या के साथ विशेषज्ञों ने दिल्ली से वीडियो कांफ्रेसिंग में सवाल किए। भव्या ने तीसरा राउंड भी बड़ी निडरता से पार करते हुए आज के ग्रेंड फिनाले में अपनी जगह बनाकर प्रदेश को गौरव दिलाया है।
रविवार को भव्या अपने पिता के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। भव्या की माता भारती ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई में आगे रहती है। उसके हर कक्षा में ९० प्रतिशत से ज्यादा नंबर आते हैं। उन्होंने इसका श्रेय भव्या की लगन व मेहनत को दिया और अपनी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है।

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नन्हे-मुन्नों ने चाचा नेहरू को याद किया

गुरुकुल इंटरनेशनल स्मार्ट स्कूल सोलन में शनिवार को बाल दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर चाचा नेहरू को याद किया।

धर्मपुर. डीएवी स्कूल धर्मपुर में शनिवार को बाल दिवस की पूर्व संध्या पर बच्चों ने चाचा नेहरू को याद किया।

इस मौके पर फैंसी ड्रेस व क्रेजी गेम प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में नर्सरी के वेदांश ने प्रथम, आदित्य व अनन्या ने द्वितीय और युगल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। केजी कक्षा की वंदिता ने पहला, माही, शाना व ध्रुव ने दूसरा और आर्यन ने तीसरा स्थान हासिल किया।

परवाणू. इनरव्हील क्लब परवाणू ने बाल दिवस के उपलक्ष्य में आशादीप विद्या निकेतन विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान फैंसी ड्रेस, ड्राइंग व खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया।

नालागढ़. बाल दिवस के उपलक्ष्य में उपमंडल के विभिन्न स्कूलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अल्पाईन स्कूल नालागढ़ की प्रिसिंपल ने चाचा नेहरू के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके योगदान को हम कभी नहीं भूला सकते।

छोटी उम्र में ही विश्व में कमाया नाम

धर्मशाला . शिमला . कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र के रहने वाले अकृत जसवाल को विश्व की दस विलक्षण प्रतिभाओं में शामिल किया गया है। अकृत को बिना चिकित्सकीय अध्ययन के विश्व के सबसे छोटी आयु के चिकित्सक बनने का गौरव प्राप्त किया है। वह भारत ही नहीं,बल्कि विश्व भर के बच्चों के रोल मॉडल के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुके हैं।

इन दिनों वह असाध्य रोग कैंसर का इलाज ढूंढने के लिए अध्ययन में जुटे हुए हैं। पांच वर्ष की आयु में शेक्सपीयर को पढ़ना शुरू कर दिया था। बचपन से विज्ञान के प्रति रुझान रखने वाले अकृत ने छह वर्ष की आयु में स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों के साथ सर्जरी सहित अन्य विषयों पर चर्चा में भाग लेकर सभी को हैरत में डाल दिया था।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से सीधे तौर पर जमा दो की परीक्षा उत्तीण करने वाले अकृत को पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से भारत के सबसे छोटी आयु में बीएससी करने का गौरव प्राप्त है। वर्तमान में अकृत एप्लाइड कैमिस्ट्री में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं।

इसी दौरान अकृत ने अमेरिका में जाकर विश्व के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों से अपने अनुभव और खोजों के बारे में विचार साझा किए, जिस पर डिस्कवरी चैनल ने विशेष डाक्यूमेंट्री तैयार की है जिसे विश्व भर में प्रसारित किया जा चुका है। अपनी पढ़ाई के दौरान इन्होंने ग्रे अनाटॉनी, सहित सर्जरी, एनेथिसिया, कैंसर और अन्य विषयों पर किताबें लिखकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था। अपने पहले ही आई क्यू टेस्ट में अकृत ने 162 अंक हासिल कर विश्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। अकृत की प्रतिभा के कायल स्थानीय लोगों ने बचपन से ही उससे चिकित्सकीय परामर्श लेना शुरू कर दिया था।

अमन के आगे उम्र हुई बौनी

होनहार बिरवान के होत चिकने पात, लेकिन यदि कोई मेहनत के बूते भी कुछ करना चाहे तो उम्र भी मायने नहीं रखती। कुछ ऐसी ही प्रतिभा का प्रदर्शन कर दिखाया है शिमला के अमन गिल ने।
सात साल की उम्र में ही कराटे में कुछ अद्भुत करबत दिखाए और बन गया दुनिया का दूसरा सबसे कम उम्र वाला ब्लैक बेल्टर। यही नहीं, अमन सात साल की उम्र में तीन जिला स्तरीय और तीन ऑल इंडिया स्तर की चैंपियनशिप भी अपने नाम कर चुका है।

अपनी आयु वर्ग में अमन इस समय चैंपियन है और बढ़ती उम्र के साथ कुछ नया करने की चाह भी बढ़ती जा रही है। तीन साल की उम्र जिसमें माता—पिता बच्चे को खिलौनों से खेलता देख खुश होते हैं, अमन ने अपने करतबों से सभी को हैरान किया। दोनों बहनें भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत पिता हरवंस कुमार का नाम रोशन कर चुकी हैं।

कोच अजय ठाकुर भी अपने शिष्य की इस सफलता से काफी उत्साहित हैं। उधर, शिगोकान गोजरियो कराटे ऐसोसिएशन के सचिव पीएस पंवार का कहना है कि शिमला में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत है तो सिर्फ उस प्रतिभा को बाहर लाने और निखारने की।

उर्वशी ठाकुर अपर शिमला की पहली एचपीएफएस अफसर

रामपुर बुशहर. शिमला जिले के रामपुर सब डिवीजन की उर्वशी ठाकुर ने अपर शिमला में पहली एचपीएफएस महिला अफसर बनने का गौरव हासिल किया है। हाल मंे ही हुए साक्षात्कार में प्रदेश के 2 उम्मीदवार ही एचपीएफएस में जगह बना पाए। इसमें रामपुर के रंगोरी की उर्वशी ठाकुर भी शामिल है। उर्वशी ने हाई स्कूल स्तर की परीक्षा सीनियर सेकंडरी स्कूल ज्यूरी से पास की और देहली पब्लिक स्कूल झाकड़ी से जमा दो की परीक्षा पास की।

उर्वशी ने डॉ. वाईएस परमार हॉर्टीकल्चर यूनीवर्सिटी सोलन से बीएससी व एमएससी की डिग्री हासिल की। उसके पश्चात उन्होंने एचपीएफएस में क्वालीफाई किया। उर्वशी ठाकुर के पिता गंगा सिंह ठाकुर रिटायर्ड मण्डलीय लेखाकार हैं जबकि माता गृहणी हैं। उर्वशी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई-बहन व जीजा को देती हंै। उनका कहना है कि सफलता की इस चोटी पर चढ़ने के लिए उन्हें परिवार का भरपूर सहयोग मिला। इसके अलावा शिक्षकों ने भी उनकी मंजिल को छूने में योगदान दिया। भविष्य में उर्वशी वनों का विस्तार करना चाहती है। इसके अलावा वन कटान को रोकने के लिए भी विशेष प्रयास करेंगी।

5 more undelivered marksheets found

 Shimla, October 30
The CID team investigating the fake marksheet scam in Himachal Pradesh University (HPU) today recovered five undelivered marksheets from the possession of the main accused, Pankaj, alias Gurvinder, which will help identify the beneficiary students.

Following the unearthing of the scam, the case had been handed over to the CID. “With these five marksheets we now have eight such documents which had not yet been delivered to the students,” revealed Brajesh Sood, DSP (CID), heading the investigation.

He said since the addresses of the students were not mentioned in the marksheet, the CID would soon try to establish their identify after getting in touch with the university authorities.

Sood said the five certificates found in possession of the main accused were of BA, BCom and BSc courses. “We have been able to establish the identity of some other students and soon we will be calling them for questioning,” Sood said.

The kingpin of the scam had been arrested by the CID from the New Shimla area two days back. During interrogation he admitted to have made about 35 such marksheets even though the police apprehended that the number could be more than this.

The police would also look into the aspect whether those who acquired the fake marksheets had put them to use to obtain jobs or admission either in postgraduation or higher classes. In many cases the main accused was not even aware of the exact address of the beneficiary students, as it was through others that they got in touch with him. However, investigations held into the case till now indicate that majority of the students who tried to benefit from the illegal act hail from Shimla district only.

तकनीकी विवि से मिलेगी अब कॉलेजों को मान्यता

शिमला.प्रदेश में खुलने वाले नए इंजीनियरिंग कॉलेजों को अब तकनीकी विश्वविद्यालय से मान्यता लेनी होगी।फरवरी 2011 से ऑल इंडिया काउंसिल से मंजूरी लेने वाले नए इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए यह नया सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत इंजीनियरिंग कॉलेज प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त हैं।

तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने नया सिस्टम लागू करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरा करने की प्रकिया शुरू कर दी है। सरकार ने जहां तकनीकी विश्वविद्यालय को हमीरपुर मंे स्थापित करने के लिए मंजूरी दे दी है।

इसके लिए पद भी स्वीकृत किए जा चुके हैं और कुलपति के चयन के लिए सर्च कमेटी का भी गठन कर लिया है। कुलपति और पदों को भरने की प्रकिया को जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। फार्मेसी कॉलेज, कंप्यूटर एप्लीकेशन और दूसरे कुछ अन्य संस्थानों की संबद्धता भी इसी विश्वविद्यालय से होगी।

इस नए सिस्टम के लागू होने से प्रदेश विश्वविद्यालय से सबंद्धता प्राप्त कई संस्थान भी प्रभावित होंगे। अभी प्रदेश विश्वविद्यालय से लगभग 47 तकनीकी शिक्षण संस्थान ऐसे हैं जिन्हें भी तकनीकी विश्वविद्यालय से ही संबद्धता लेनी होगी,

लेकिन जो छात्र वर्तमान में इन तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत हैं उन्हें डिग्रियां देने का अधिकार प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के पास ही रहेगा, लेकिन नए सत्र से प्रवेश लेने वाले छात्रों को डिग्री प्रदान करने का अधिकार तकनीकी विश्वविद्यालय को चला जाएगा।

जानकारों की मानें तो इससे प्रदेश विश्वविद्यालय को इस नई व्यवस्था से फायदा ही होने वाला है। विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त संस्थानों की संख्या इस समय लगभग दो सौ का आंकड़ा पार कर चुकी है और इनके परीक्षा परिणाम तैयार करने में कई तरह की दिक्कतें भी आ रही है।

परीक्षा शाखा में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण परीक्षा परिणाम तैयार करने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। इनके परीक्षा परिणामांे की तैयार करने की जिम्मेदारी तकनीकी विश्वविद्यालय के पास चले जाने से शिमला विश्वविद्यालय से लगभग 35 हजार छात्रों का बोझ भी कम हो जाएगा।

Solan छात्र संगठनों में तकरार

डिग्री कॉलेज सोलन में शविवार को एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं में तकरार हो गई। हालांकि प्रिंसिपल तक मामला पहुंचने से पहले मामला शांत हो गया। एक तरफ एबीवीपी ने एसएफआई पर सीएसए रूम में जबरन घुस कर तोडफ़ोड़ करने का आरोप लगाया। वहीं एसएफाई ने भी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर इकाई के पोस्टर फाडऩे का आरोप जड़ा है। दोनों की छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर कॉलेज का शैक्षणिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया है।

एबीवीपी इकाई सचिव दीपक शर्मा ने कहा कि जब चयनित प्रतिनिधि अन्य छात्रों के साथ एससीए रूम में बैठे थे तो एसएफआई के इकाई कैंपस प्रधान समीर ठाकुर बाहरी लोगों के साथ वहां आए एससीए रूम की तोड़-फोड़ करने लगे।

उन्होंने कहा कि जैसे ही इस बात की सूचना प्रिंसिपल को दी एसएफआई के कार्यकर्ता वहां से भाग गए। उन्होंने कहा एसएफआई को छात्र संघ चुनावों में प्रदेश भर में मिली हार के बाद इकाई के कार्यकर्ताओं में बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भी एएफआई ऐसी हरकत करती है तो आंदोलन शुरू कर देगी।

वहीं एसएफआई के परिसर सचिव समीर ठाकुर और सचिव मनोज ने कहा कि एबीवीपी ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कॉलेज में एसएफआई के पोस्टरों को फाड़कर शैक्षणिक माहौल खराब किया। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने एससीए रुम को मौज मस्ती का अडा बना दिया है। एससीए रूम में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं का जमघट होने से आम छात्र अपनी समस्याओं को चयनित प्रतिनिधियों को नहीं बता पाते। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी परिषद का यही रवैया रहा तो इकाई कॉलेज कैंपस में उग्र आंदोलन शुरू कर देगी।

सुलझा लिया है मामला: उधर प्रिंसिपल मंजूषा पठानिया ने कहा कि दोनों दो संगठनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई है, लेकिन दोनों पक्ष से बातचीत कर मामला सुलझा लिया गया है।

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