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हिमाचल की सोनिया को रजत, विजय को कांस्य पदक

बैजनाथ/मैहरे .शिमला . चीन के ग्वांगजाऊ में चल रहे 16वें एशियन गेम्स में बैजनाथ (कांगड़ा) के सुनपुर की सोनिया राय ने 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में सिल्वर मेडल पर निशाना लगाया है। वहीं कॉमनवेल्थ में देश को तीन गोल्ड दिलाने वाले हरसौर (हमीरपुर) के विजय कुमार ने 10 मीटर पिस्टल फायर के सिंगल इवेंट में कांस्य पदक देश की झोली में डाला है।

सोनिया ने भास्कर से अपनी जीत की खुशी फोन पर साझा की। सोनिया ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में निशाना साधते हुए 379 अंक हासिल किए। दोहा एशियाड में भी सोनिया देश को पदक दिला चुकी हैं। राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में भी सानिया गोल्ड, सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इसके बाद एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली सोनिया पहली महिला खिलाड़ी बनी।

इससे पहले सोनिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स में चौथा स्थान, चेकोस्लावाकिया में आयोजित शूटिंग जूनियर वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीता था। ब्राजील में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप में सोनिया ने कांस्य पदक जीता था। सोनिया के पिता ने बताया कि निशानेबाज जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा से सोनिया ने राइफल और पिस्टल शूटिंग का प्रशिक्षण लिया था।

वहीं, हरसौर गांव के 16 डोगरा के सूबेदार विजय शर्मा ने भी 10 मीटर पिस्टल फायर के सिंगल इवेंट में देश को सम्मान दिलाया है। विजय ने सर्वाधिक 101.4 अंक जुटाते हुए कुल 680.4 अंक हासिल किए।

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Paragliding meet takes off at Billing

 

Dharamsala, November 11
The Himalayan Open Paragliding Championship was declared open by Ramesh Dhawala, Food and Civil Supplies Minister at Billing, in Kangra district today.

While talking to mediapersons, the minister said more such paragliding sites needed to be identified in the state in order to boost the adventure sports activities and provide an opportunity of self-employment to the local youth.

He said the Department of Youth Services and Sports and Tourism should work together to promote such games in the state, which would not only attract the sports lovers and also provide employment to the local population.

He said there was a need to look into the safety aspects of the championship and appealed the pilots not to fly after consuming intoxicants. He said, “The state has been encouraging adventure sports and apart from paragliding, water sports, skiing and aero-sports will also be promoted to make the state a hub of such sports.”

Earlier, JR Katwal, director of Youth Services and Sports, welcomed the minister and detailed the itinerary of the championship. He said 130 participants were taking part in the contest adding that it was for the first time that the novice category was being given an opportunity to participate in the championship so as to improve and polish their skills and make them competent to participate at the national and international level.

The Sub-Divisional Magistrate and other officials of the state government and from the Aero Club of India were also present on the occasion.

सोलन ने चंबा को हराया

ठोडो मैदान में वीरवार से शुरू हुई 23वीं राज्यस्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता के पहले मैच में पुरुष वर्ग में शिमला ने स्टेट हॉस्टल की टीम को हराया। शिमला ने 13 और स्टेट हॉस्टल की टीम ने 10 गोल किए। दूसरे मैच में सोलन-ए की टीम ने चंबा को 2 के मुकाबले 14 अंकों से रौंदा। इसी वर्ग में मंडी ने कांगड़ा को 14-11 से हराया। हैंडबॉल एसोसिएशन के प्रेस सचिव शिव कुमार नड्डा ने बातया कि महिला वर्ग में चंबा ने कांगड़ा को 12-3 से पराजित किया। सोलन और शिमला की महिला टीमों में कांटे की टक्कर हुई। सोलन की टीम 8-7 से मुकाबला जीतने में कामयाब रही। प्रतियोगिता का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिंदल ने किया। जिला हैंडबॉल संघ के अध्यक्ष विवेक चंदेल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस मौके पर एसपी हरदेश बिष्ट, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, राज्य भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष मीरा आनंद, तृप्ता लांबा, मुकेश मित्तल, नंद किशोर शर्मा, अशोक राणा, हीरा सिंह मौजूद थे।

शोर्टपुट में मनीषा अव्वल: रेणुकाजी. ददाहू में छात्राओं की जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के दूसरे दिन शॉर्टपुट में मनीषा प्रथम रही। डिस्कस थ्रो में प्रियंका प्रथम, अंशु द्वितीय व पूनम तृतीय रही। 100 मीटर दौड़ में आशा देवी पहले, सपना दूसरे व गायत्री तीसरे स्थान पर रही। खो-खो में बड़वास ने मड़ीघाट को, मानपुर देवड़ा ने ददाहू को, कमलाड़ ने पबार को, डुंगी ने कुड़ला व जकांडो ने कोटला मोलर को हराया। वॉलीबाल में फागू ने मानगढ़, ददाहू ने चौरास, सियूं ने मालवा खनवार को पराजित कर अगले दौर में प्रवेश किया। सावगा ने सियंू कुफर को हरा सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

वॉलीबाल प्रतियोगिता शुरू: राजगढ़. नेहरू ग्राउंड में गुरूवार को सीनियर नेशनल ओपेन बालीवाल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। इस टूर्नामेंट का शुभारंभ सचिव सिरमौर बालीवाल एसोसिएशन बलदेव कश्यप ने किया। नेशनल बालीवाल टूर्नामेंट में साउथ जोन (इंडिया) की बड़ी टीमें भाग ले रही हैं।

खेलगांव में कंगारुओं का उत्‍पात, सचिन के खिलाफ नारेबाजी

नई दिल्ली. गुरुवार को समाप्‍त हुए कॉमनवेल्‍थ खेलों में अच्‍छा प्रदर्शन कर आस्ट्रेलियाई प्रतिभागी भले ही कॉमनवेल्थ की पदक तालिका में सबसे ऊपर रहे हों, लेकिन उनका व्यवहार विजेता जैसा नहीं रहा। उनके खिलाड़ियों ने कई बार खेल भावना के विपरीत व्यवहार किया। और हद तो तब हो गई जब वे कंगारुओं को क्रिकेट टेस्ट सीरीज में मिली हार को पचा नहीं सके और खेल गांव में तोड़फोड़ कर दी। कुछ लोगों का दावा है कि वे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से खासे नाराज थे और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।  

खेल आयोजन समिति (ओसी) ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि की है, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया का कहना है कि उसके खिलाड़ी ऐसी किसी घटना में शामिल नहीं थे। दिल्‍ली पुलिस के प्रवक्‍ता राजन भगत ने भी कहा कि खेल गांव के स्‍टाफ के मुताबिक तोड़फोड़ हुई है, लेकिन किसी ने पुलिस में इसकी औपचारिक शिकायत नहीं कराई है। विदेश मंत्री एसएम कृष्‍णा ने कहा है कि ऑस्‍ट्रेलिया से हमारे रिश्‍ते अच्‍छे हैं। बातचीत से मामला सुलझा लिया जाएगा।

ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों ने मंगलवार और बुधवार की रात खेल गांव में न सिर्फ हंगामा मचाया बल्कि तोड़फोड़ भी की। मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अपने कमरे में रखी वाशिंग मशीन को भी ऊपर से नीचे फेंक दिया। गनीमत तो यह रही कि कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया। इतना सब होने के बावजूद भी आर्गनाइजिंग कमेटी ने खिलाड़ियों के लिए खिलाफ पुलिस से कोई शिकायत नहीं की। कमेटी का कहना है कि छोटी-मोटी घटनाएं तो होती ही रहती हैं।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को टॉवर संख्या 19, 20 और 21 में रहने के लिए कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे पहला हंगामा 12-13 अक्टूबर की रात को हुआ। चार-पांच ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने डाइनिंग एरिया में खाने-पीने के बाद हंगामा करना शुरू कर दिया और वहां तोड़फोड़ भी की।

किसी तरह से उन्हें शांत कर अपने अपने कमरों में भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने पर भी वे शांत नहीं हुए और उन्होंने टॉवर की लाइटें भी तोड़ डालीं। मामले की जानकारी होने पर टीम के कोच को इससे अवगत कराया गया, जिसके बाद उन्हें शांत कराया गया।

ऑर्गनाइजिंग कमेटी के अधिकारियों ने इस बाबत पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है। बल्कि, सुबह होते ही जो लाइटें खिलाड़ियों ने तोड़ी थीं, उन्हें ठीक करा दिया गया। इसका नतीजा यह रहा कि 13-14 अक्टूबर की रात भी ऑस्ट्रेलिया के कुछ खिलाड़ियों ने अपने फ्लैट में हंगामा मचाया। इस बार उन्होंने तो फ्लैट में रखी वाशिंग मशीन ही ऊपर से नीचे लॉन में फेंक दिया, जिसका पता सुबह चला। 13 अक्टूबर को ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बेंगलुरु में सात विकेट से हराया था।

सुबह होते ही कमेटी के अधिकारियों ने तुरंत ही नीचे फेंके गए मशीन को वहां से हटवाया। इस बार भी पुलिस से कोई शिकायत नहीं की। पुलिस अधिकारी का कहना है कि बुधवार देर रात भी कुछ एथलीटों के बीच कहासुनी के बाद मामूली मारपीट हो गई थी, लेकिन जब तक कोई शिकायत नहीं मिलती है, हम किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते।

जब कॉमनवेल्थ गेम्स ऑर्गनाइजिंग कमेटी के एसडीजी (समारोह) सुधीर मित्तल से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा फ्रिज ऊपर से नीचे फेंकने व टॉवर की लाइट फोड़ने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारा आयोजन सफल रहा है और सभी देशों के खिलाड़ियों व अन्य प्रतिनिधियों ने पूरा-पूरा सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि जिस भी टीम के खिलाड़ी किसी सामान को तोड़ते-फोड़ते हैं तो उनकी टीम से उसकी कीमत वसूल ली जाती है।

घटना तो हुई, लेकिन हम बेकसूर–ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ टीम के शेफ-डि-मिशन पैरी क्रासव्हाइट के अनुसार कुछ सामान तो बिल्डिंग से नीचे फेंका गया है, लेकिन घटना में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शामिल नहीं हैं। उन्होंने आठवीं मंजिल से वॉशिंग मशीन फेंके जाने की बात मानी और कहा कि घटना के समय दूसरे देशों के खिलाड़ी भी खेल गांव में मौजूद थे और संभावना है कि इसमें वे शामिल हों।  

ऑस्ट्रेलियाई पहलवान ने किए रैफरी को अश्लील इशारे
इसके पहले भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान कई बार हंगामे किए। ऑस्ट्रेलियाई पहलवान हसन फकीरी ने भारतीय पहलवान अनिल कुमार से हारने के बाद  हाथ मिलाने से ही इंकार कर दिया। और यही नहीं रैफरी की तरफ अश्लील इशारे भी किए।  ऑस्ट्रेलियाई पहलवान हसन फकीरी भारत के अनिल कुमार से ग्रीक रोमन कुश्ती के 96 किलो वर्ग में हार गया था। हारने के बाद फकीरी ने न केवल भारतीय पहलवान से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया बल्कि रैफरी की तरफ बीच की इंगली से अश्लील इशारे किए। इसके बाद उनका रजत पदक छीन लिया गया। हालांकि बाद में उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफी मांग ली।

ऑस्ट्रेलिया के साइक्लिस्ट ने मारी टक्कर
ऑस्ट्रेलिया के साइक्लिस्ट शेन पार्किंस ने रेस के दौरान जानबूझकर लापरवाही से साइकिल चलाई, जिससे दक्षिण अफ्रीका के साइक्लिस्ट बर्नार्ड पियरे घायल हो गए। पियरे को बाद में स्ट्रेचर पर उठाकर ले जाना पड़ा था।

इन दोनों ही मामलों में खिलाड़ियों को खेल से बाहर कर दिया गया।

रातभर शराब पीते थे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी खेलगांव से गायब रहकर रात- भर शराब पीते थे और पार्टी करते थे। इसी आरोप में एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को खेलों के दौरान ही ऑस्ट्रेलियाई टीम के शेफ-डि-मिशन पैरी क्रासव्हाइट ने वापस भेज दिया। इस ऑस्ट्रेलियाई  अधिकारी ने स्वीकार किया कि एक खिलाड़ी को नियमों का उल्लंघन करते हुए देर रात पार्टियां करने के आरोप में कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान वापस भेजा गया। लेकिन उन्होंने उसकी पहचान बताने से इंकार किया। ऑस्ट्रेलिया के धावक माइकल शैली ने बताया कि कई खिलाड़ी रातभर गायब रहते थे, और जब सुबह वे नाश्ता कर रहे होते थे, तब उनका वापस लौटने का समय होता था।

Thoda Indian game

thoda, the impressive martial art form of Himachal Pradesh, relies on one’s archery prowess, dating back to the days of the Mahabharata, when bows and arrows were used in the epic battles, between the Pandavas and the Kauravas, residing in the picturesque valleys of Kulu and Manali. Thus, this martial art has its origin in Kulu. Thoda, the name is derived, from the round piece of wood fixed to the head of the arrow, which is used to blunt its wounding potential.


The equipment required for this game are bows and arrows. Wooden bows measuring 1.5m to 2m, to suit the height of the archer and wooden arrows in proportion to the length of the bow, are prepared by skilled and traditional artisans.

In Himachal Pradesh, in earlier days, the game of Thoda was organised in a very interesting way. A handful of village folk would go to another village, and would throw tree leaves into the village well, before sun rise. They would, then, hide in the bushes nearby, just outside the boundary of that village. As soon as the villagers came to draw water, the youths would shout, and throw challenges to them for a fight. This would spark the preparations for an encounter.

The competition is a mixture of martial arts, culture and sport, and is held on Baisakhi Day, April 13 and 14, and community prayers are organised to invoke the blessings of the principal deities, Goddesses Mashoo and Durga.

How the game is played

Each group consists of roughly 500 people, but most of them are just dancers, who come along to boost the morale of their team. The archers are divided into parties, just before the competition takes place. One team is called Saathi, and the other Pashi. It is believed that Pashis and Saathis, are descendants of the Pandavas and Kauravas. The target in this game is the region of the leg, below the knee, where the opponent should aim his arrow.

The moment the two contesting groups reach the village fairground, both the parties dance on either side of the ground, waving their swords, aglitter in the sun, and sing and dance to the stirring martial music. The Pashi group forms a ‘chakravyuh’, and blocks the Saathi group, who in turn begin to penetrate their defences. After the initial resistance, the Saathis reach the centre of the ground. Both the opponents face each other at a distance of about 10 metres, and prepare to attack. The defenders start shaking, kicking their legs to and fro with brisk movements, to thwart the accurate aim of their adversaries.

Lightning movements and agility are the sole methods of defence. The whole competition is conducted to the lively, virile rhythm of war dance, with one side furiously side-stepping, legs kicking in all directions, and other side doing its best to place an arrow on the target. There are minus points for a strike on the wrong parts of the leg.

At present, the game is played in a marked court, which ensures that a certain degree of discipline is maintained in Thoda – a happy blend of culture and sport. This game is popular in Theog Division (Shimla district), Narkanda block, Chopal Division, district Sirmaur and Solan.

 

कबड्डी मैच के लिए लोग उत्साहित

एक अक्टूबर को सोलन में होने वाले भारत-पाकिस्तान सर्किल कबड्डी मैच को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। सोलन में पहली बार इस तरह का आयोजन हो रहा है। मैच के लिए ऐतिहासिक ठोडो ग्राउंड को तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को कबड्डी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राणा ने अयोजक सदस्यों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। राजेंद्र राणा ने कहा कि भारत-पाक के बीच कबड्डी मैच के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक अक्टूबर को दिन में दो बजे ठोडो ग्राउंड में मैच खेला जाएगा। दोनों टीमें 30 सितंबर को सोलन पहुंच जाएगी। मैच का उदघाटन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव बिंदल करेंगे। जीतने वाली टीम को 75 हजार रुपए और हारने वाली टीम को 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल ही एक ऐसी चीज है जिसके माध्यम से दोनों देशों के बीच के संबंध सुधर सकते हैं। कबड्डी गांव स्तर का खेल है और इसे देखने के लिए सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों के हजारों लोग उमड़ें्रं। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को सुजानपुर में हुए मैच में करीब 35 हजार लोगों ने मैच का लुत्फ उठाया।

सोलन मैच में भी दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। राणा ने कहा कि प्रदेश में कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए फेडरेशन को प्रयास करने होंगे। इस मौके पर बघाट बैक के चेयरमैन पवन गुप्ता, धर्मेंद्र ठाकुर, शैलेंद्र गुप्ता, लेशू भाई,भरत साहनी,नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजमेर सिंह ठाकुर , तिलक राज भी मौजूद रहे।

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